WhatsApp Channel ज्वाइन करें !

Join Now

बिहार के पूर्व राज्यपाल सत्यपाल मलिक ने 79 के उम्र में ली आखिरी सांस

देश के वरिष्ठ नेता और पूर्व राज्यपाल सत्यपाल मलिक जी के निधन की खबर से पूरे देश में शोक की लहर दौड़ गई है।
उनकी सादगी, स्पष्टवादिता और जनता के लिए उनका समर्पण हमेशा याद रहेगा।
उनके जाने से देश ने एक बेबाक और निडर आवाज़ खो दी है, जो हर मुश्किल मुद्दे पर निडर होकर बोलते थे।

कई राज्यों के राज्यपाल रहे, हर पद पर दिखाया दम

सत्यपाल मलिक जी ने अपने लंबे राजनीतिक जीवन में कई अहम पदों को बखूबी निभाया।
वे बिहार, गोवा, जम्मू-कश्मीर और मेघालय जैसे राज्यों के राज्यपाल रहे और हर राज्य में उन्होंने जनहित को प्राथमिकता दी।
उनकी सबसे बड़ी पहचान यह थी कि वो किसी भी दल से जुड़े हों, लेकिन जब बात जनता और सच्चाई की होती थी – वो बिना डरे अपनी बात रखते थे।

किसान आंदोलन के समर्थन से बनी जनता के दिल की आवाज़

किसान आंदोलन के समय उनकी बातें आज भी लोगों को याद हैं।
उन्होंने खुलकर किसानों का पक्ष लिया और सरकार को भी सच्चाई से अवगत कराया।
उनकी ईमानदारी, साहस और बेबाक राय ने उन्हें आम जनता के बीच बेहद लोकप्रिय बना दिया था।

सत्ता नहीं, जनता का साथ चुना

राजनीति में उनका सफर कभी भी केवल सत्ता का नहीं रहा, बल्कि वह हमेशा जनता के मुद्दों, उनके अधिकारों और न्याय की बात करते रहे।
उनका सरल जीवन और मजबूत विचार आज के नेताओं के लिए प्रेरणा का स्रोत हैं।

एक निर्भीक विचारधारा का अंत

सत्यपाल मलिक जी का जाना सिर्फ एक नेता का जाना नहीं है, बल्कि एक विचार, एक सच्चाई और एक निर्भीक आवाज का शांत हो जाना है।

Story covered by Sonam Singh


Leave a comment