भोपाल में प्रस्तावित 90 डिग्री मोड़ वाले पुल को लेकर उठ रही आलोचनाओं के बीच मध्य प्रदेश के लोक निर्माण विभाग (PWD) मंत्री राकेश सिंह ने नया बयान देकर बहस को और धार दे दी है।
शनिवार को भोपाल के ताज लेक फ्रंट होटल में आयोजित TV9 भारतवर्ष के सट्टा सम्मेलन में मंत्री ने कहा कि-
“90 डिग्री का पुल होना कोई बुराई नहीं है। भोपाल के अलावा भी कई जगह इस तरह के पुल मौजूद हैं। पुल का डिज़ाइन हमेशा उपलब्ध जगह और इंजीनियरिंग की ज़रूरतों के हिसाब से तय किया जाता है।”

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आलोचना और बहस की पृष्ठभूमि
हाल ही में भोपाल में बन रहे इस पुल का डिज़ाइन सामने आते ही सोशल मीडिया पर मीम्स वायरल होने लगे थे। लोगों ने इसे “90° मौत का मोड़” तक कह दिया था। विशेषज्ञों ने भी सुरक्षा और ट्रैफिक मैनेजमेंट को लेकर चिंता जताई थी।
हालाँकि, मंत्री राकेश सिंह का कहना है कि “सभी तकनीकी मानकों का पालन किया जा रहा है। जनता की सुविधा और सुरक्षा से कोई समझौता नहीं होगा।”
चुनावी मौसम में सियासी रंग
यह बयान ऐसे समय में आया है जब राज्य में चुनावी सरगर्मी तेज़ है और विपक्ष सरकार को लगातार इंफ्रास्ट्रक्चर की खामियों को लेकर घेर रहा है। विपक्षी दल इसे “जल्दबाजी में बनाई गई योजना” बता रहे हैं, जबकि सरकार इसे “तकनीकी रूप से व्यावहारिक” करार दे रही है।
जनता की नज़रें प्रशासन पर
भोपाल के लोग फिलहाल इंतज़ार कर रहे हैं कि इस पुल का अंतिम डिज़ाइन कैसा होगा। सोशल मीडिया पर लगातार बहस जारी है और आम नागरिक चाहते हैं कि सुरक्षा और सुविधा दोनों से समझौता न किया जाए।
PWD मंत्री का यह ताज़ा बयान संकेत देता है कि सरकार डिज़ाइन पर पीछे हटने के मूड में नहीं है, लेकिन आलोचना को देखते हुए प्रोजेक्ट की बारीकी से निगरानी ज़रूर की जाएगी।
Story covered by Ayush Singh

