By Divyam Pandey
290 से ज्यादा मौतें, पूर्व CM विजय रूपाणी की भी गई जान
12 जून, 2025 को अहमदाबाद, गुजरात में एयर इंडिया का बोइंग 787 ड्रीमलाइनर (AI-171) लंदन के लिए उड़ान भरने के तुरंत बाद दुर्घटनाग्रस्त हो गया। इस दुर्घटना में यात्रियों, चालक दल के सदस्यों और जमीन पर मौजूद लोगों सहित 290 से अधिक लोगों की मौत की पुष्टि हुई है। मरने वालों में गुजरात के पूर्व मुख्यमंत्री और भाजपा के वरिष्ठ नेता विजय रूपाणी भी शामिल थे, जो अपनी बेटी से मिलने लंदन जा रहे थे।
उड़ान के 30 सेकंड बाद तकनीकी खराबी, मेघानी नगर में गिरा विमान
स्थानीय समय के अनुसार, यह हादसा दोपहर 1:38 बजे हुआ। उड़ान भरने के ठीक बाद विमान में तकनीकी खराबी आ गई। एयर ट्रैफिक कंट्रोल (ATC) के मुताबिक, पायलट ने “मेडे” कॉल जारी की, लेकिन जल्द ही विमान से संपर्क टूट गया।
सीसीटीवी फुटेज और प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि विमान तेजी से ऊंचाई खोता गया और फिर अहमदाबाद के मेघानी नगर स्थित बीजे मेडिकल कॉलेज के छात्रावास से टकरा गया। टक्कर के बाद तेज धमाका और आग लग गई।
बीजे मेडिकल कॉलेज के हॉस्टल पर गिरा प्लेन, छात्र भी चपेट में
विमान सीधा कॉलेज के डॉक्टर्स हॉस्टल पर गिरा, जहां बड़ी संख्या में छात्र रहते थे। रिपोर्ट्स के अनुसार, 5 मेडिकल छात्रों की मौत हो गई और 20 से अधिक छात्र घायल हुए हैं।
एक चश्मदीद ने बताया कि विमान कॉलेज के डाइनिंग हॉल में गिरा, जहां कई लोग उस समय मौजूद थे। हादसे के बाद परिसर में अफरातफरी और चीख-पुकार मच गई।
204 शव बरामद, मरने वालों में विदेशी नागरिक भी शामिल
अहमदाबाद पुलिस कमिश्नर जी. एस. मलिक ने बताया कि 204 शव अब तक बरामद किए जा चुके हैं। विमान में कुल 242 यात्री सवार थे, जिनमें:
- 169 भारतीय
- 53 ब्रिटिश नागरिक
- 7 पुर्तगाली
- 1 कनाडाई नागरिक शामिल थे।
शव इतनी बुरी तरह जल चुके हैं कि डीएनए टेस्ट के बिना पहचान संभव नहीं। DNA सैंपल कलेक्शन का कार्य शुरू हो चुका है।
एकमात्र चमत्कारी बचाव: विश्वास कुमार रमेश
इस हादसे में 40 वर्षीय ब्रिटिश नागरिक विश्वास कुमार रमेश चमत्कारिक रूप से बच निकले। वह सीट 11A पर आपातकालीन निकास के पास बैठे थे। उन्होंने बताया कि टेकऑफ के 30 सेकंड बाद तेज आवाज आई और फिर विमान तेजी से नीचे गिरा।
टाटा समूह का मुआवजा और राहत घोषणाएं
एयर इंडिया के मालिक टाटा समूह ने मृतकों के परिजनों को ₹1 करोड़ का मुआवजा और घायलों के पूरा इलाज मुफ्त देने की घोषणा की है।
NDRF, सेना और मंत्री मौके पर; DGCA ने जांच के आदेश दिए
हादसे के तुरंत बाद NDRF, फायर ब्रिगेड, पुलिस और सेना की टीमें राहत और बचाव में जुट गईं। गृह मंत्री अमित शाह और नागर विमानन मंत्री राम मोहन नायडू किंजरपु मौके पर पहुंचे और हालात का जायजा लिया।
DGCA और एयर एक्सीडेंट्स इन्वेस्टिगेशन ब्रांच (AAIB) ने इस हादसे की गहन जांच के आदेश दे दिए हैं।
जांच के इंतजार में देश
पूरा देश इस हादसे से स्तब्ध है। सवाल यही उठ रहा है कि टेकऑफ के 30 सेकंड बाद आखिर ऐसी क्या तकनीकी खराबी आई जिसने 290 जिंदगियों को निगल लिया?
जांच रिपोर्ट के आने तक यह रहस्य बना रहेगा, लेकिन पीड़ित परिवारों के लिए यह एक असीम दुख और आघात का समय है।
