WhatsApp Channel ज्वाइन करें !

Join Now

भारतीय रेलवे की विरासत: नैरो गेज इंजन अब भोपाल में प्रदर्शित

भोपाल को मिला नया आकर्षण

रानी कमलापति रेलवे स्टेशन पर अब आपको सिर्फ ट्रेनों की चहलकदमी नहीं, बल्कि भारतीय रेलवे की विरासत का भी भव्य दर्शन होगा। पश्चिम मध्य रेलवे ने धौलपुर से लाकर यहां एक ऐतिहासिक नैरो गेज इंजन ZDM5 (NG LOCO नं. 514) को स्टेशन के मुख्य द्वार पर संरक्षित और प्रदर्शित किया है। यह इंजन अब यात्रियों और पर्यटकों के लिए आकर्षण का नया केंद्र बन गया है।

क्या है ZDM5 इंजन की खासियत?

यह इंजन भारतीय रेलवे के नैरो गेज इतिहास की एक अहम कड़ी है। ZDM5 सीरीज के इंजन मुख्यतः छोटे ट्रैक (नैरो गेज) पर चलते थे और पहाड़ी या ग्रामीण इलाकों में माल व यात्री ढोने का काम करते थे। NG LOCO नं. 514 खासकर धौलपुर सेक्शन में वर्षों तक सेवा में रहा और अब इसे गौरवशाली विरासत के तौर पर संजोया गया है।

धरोहर को सहेजने की दिशा में कदम

रेलवे विभाग ने इस ऐतिहासिक इंजन को सिर्फ एक प्रदर्शनी वस्तु के तौर पर नहीं, बल्कि भारतीय रेल के गौरवशाली इतिहास को जीवित रखने के प्रयास के रूप में प्रस्तुत किया है। रानी कमलापति जैसे आधुनिक और विश्वस्तरीय स्टेशन पर इस तरह की धरोहर को शामिल करना यह साबित करता है कि हम तकनीकी प्रगति के साथ अपनी परंपरा और विरासत को भी संभाल कर चल रहे हैं।

क्यों खास है रानी कमलापति स्टेशन?

रानी कमलापति स्टेशन (पूर्व में हबीबगंज स्टेशन) देश का पहला पीपीपी मॉडल पर आधारित विश्वस्तरीय स्टेशन है। यहां हवाई अड्डे जैसी सुविधाएं हैं – स्वचालित एस्केलेटर, फूड कोर्ट, हाई-सिक्योरिटी इंतजाम और डिजिटल सूचना प्रणाली। ऐसे हाईटेक स्टेशन पर ऐतिहासिक इंजन का आना पुराने और नए भारत के मेल का प्रतीक बन गया है।

यात्रियों के लिए सेल्फी प्वाइंट

इस इंजन की स्थापना के बाद स्टेशन का मुख्य द्वार अब यात्रियों के लिए सेल्फी स्पॉट बन चुका है। लोग इस इंजन के सामने तस्वीरें खिंचवा रहे हैं और सोशल मीडिया पर इसे शेयर कर रहे हैं। खासकर रेलवे प्रेमियों और इतिहास में रुचि रखने वालों के लिए यह एक अनमोल अनुभव है।

भारतीय रेलवे की विरासत

भारत में रेलवे केवल परिवहन का माध्यम नहीं, बल्कि सांस्कृतिक विरासत का भी हिस्सा है। नैरो गेज ट्रेनें, जिन्हें कभी पहाड़ों में जीवनरेखा माना जाता था, अब धीरे-धीरे इतिहास का हिस्सा बन रही हैं। ऐसे में इनका संरक्षण जरूरी है ताकि आने वाली पीढ़ियां इस विकास यात्रा को समझ सकें।

भविष्य की योजनाएं

सूत्रों के अनुसार, रेलवे अब अन्य स्टेशनों पर भी इसी तरह के ऐतिहासिक इंजनों और डिब्बों को प्रदर्शित करने की योजना बना रहा है। इससे रेलवे की विरासत को संरक्षित करने के साथ-साथ पर्यटन को भी बढ़ावा मिलेगा।

ZDM5 इंजन की रानी कमलापति स्टेशन पर स्थापना सिर्फ एक प्रदर्शनी नहीं, बल्कि भारतीय रेल के इतिहास, तकनीकी विकास और परंपरा के मेल की सुंदर झलक है। यह पहल यह साबित करती है कि हम आगे तो बढ़ रहे हैं, लेकिन अपनी जड़ों को नहीं भूल रहे।



Story covered by Ayush Singh



Leave a comment