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भारत का सबसे गरीब व्यक्ति : मध्य प्रदेश की अजीबो-गरीब घटना

क्या है न्यूनतम आय ?

क्या आपने कभी सोचा है कि किसी व्यक्ति की न्यूनतम सालाना आय कितनी हो सकती है? चलिए आप बताइए, आपकी सालाना इनकम कितनी है – 1 लाख से ज्यादा या 1 लाख से कम?

भारत का सबसे गरीब आदमी

मगर एक हैरान कर देने वाली खबर मध्य प्रदेश से सामने आई है, जहां भारत का सबसे गरीब आदमी मिला है, जिनकी इनकम सालाना सिर्फ ₹3 है।

सोशल मीडिया पर वायरल खबर

दुनिया भर के अमीर लोगों की सूची बनने के बाद, अगर कभी सबसे गरीब लोगों की सूची बनाई जाएगी, तो मध्य प्रदेश के सतना जिले के इस व्यक्ति का नाम सबसे पहले लिखा जाएगा। यह खबर नयागांव के निवासी रामस्वरूप के आय प्रमाण पत्र से जुड़ी है।

आधिकारिक दस्तावेज में दर्ज सालाना ₹3 आय

मध्य प्रदेश के नयागांव के एक निवासी रामस्वरूप का आय प्रमाण पत्र सामने आया है, जिसमें उसकी सालाना आय मात्र ₹3 लिखी गई है। यानी यह व्यक्ति महीने भर में मात्र 25 पैसे कमाता है, और इतने में न तो चावल मिलता है और न नमक।

सरकारी प्रमाण पत्र की सच्चाई

जी हां, यह सोशल मीडिया पर वायरल कोई चुटकुला नहीं है, बल्कि सत्य घटना पर आधारित एक खबर है। आय प्रमाण पत्र सरकार द्वारा जारी किया गया एक आधिकारिक दस्तावेज है, जिस पर तहसीलदार के हस्ताक्षर होते हैं। यहां 22 जुलाई 2025 को रामस्वरूप के नाम पर एक आय प्रमाण पत्र जारी किया गया जिसमें रामस्वरूप और उसके परिवार की सालाना इनकम मात्र ₹3 बताई गई और हैरान कर देने वाली बात यह है कि इस पर सौरभ द्विवेदी (तहसीलदार) के भी हस्ताक्षर हैं।

प्रशासनिक गलती और वायरल प्रतिक्रिया

यह कोई मजाक नहीं बल्कि प्रशासन की लापरवाही का प्रमाण है। जैसे ही यह दस्तावेज सोशल मीडिया पर पहुंचा, लोगों ने इस पर सवाल उठाना शुरू किया कि आज इस महंगाई भरे माहौल में कोई इतना गरीब कैसे हो सकता है।

त्रुटि की वजह और सुधार

इस घटना पर जब तहसीलदार सौरभ द्विवेदी से बात की गई, तो उन्होंने बताया कि यह एक लिपि की त्रुटि है, यानी लिखावट में कोई गलती है। जैसे ही यह मामला सामने आया, यह प्रमाण पत्र निरस्त कर दिया गया। इसके बाद जो नया प्रमाण पत्र जारी किया गया, उसमें रामस्वरूप की सालाना आय ₹40,000 बताई गई है।

मजाक या प्रशासनिक लापरवाही?

मामला वाकई जरा अटपटा है क्योंकि ₹3 सालाना आय तो कहीं का न्याय नहीं है। आज की महंगाई में ₹3 खर्च होते एक सेकंड नहीं लगता। वहीं इस आय प्रमाण पत्र में सालाना इनकम ₹3 लिखी गई थी। अभी यह प्रशासन की लापरवाही थी या कोई लिपि की त्रुटि, इस पर कुछ नहीं कहा जा सकता।



Story covered by Palak Gupta ( Sri Guru Nanak Dev Khalsa College, University of Delhi )

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